
पीड़ित ने सदर रजिस्ट्रार पर लगाये मिलीभगत का आरोप, एसपी से लगाई न्याय की गुहार
अंबेडकरनगर
उपनिबंधक कार्यालय के रजिस्टार व मुख्य लिपिक अपनी जबरदस्त पकड़ के चलते मोटी रकम कमाने के चक्कर में आये दिन भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं जिनके बदौलत पूरे तहसील परिसर में दिन भर दलालों की चांदी कटती रहती है जिससे वे अपने मनसूबे में सफल रहते हैं और पुरानी तहसील परिसर की शोभा बढ़ा रहे है।सदर तहसील अन्तर्गत अनमोल पुत्र छोटेलाल निवासी ग्राम फतेहपुर पकड़ी थाना अकबरपुर का प्रकाश में आया है। पीड़ित अनमोल ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देते हुए बताया है कि उसकी करोड़ों की जमीन दलाल बैजनाथ व सुरजीत ने बलवन्त सिंह पुत्र दिनेश सिंह निवासी ग्राम व पोस्ट इटोरी थाना मालीपुर तहसील जलालपुर के नाम बैनामा करवा दिया। पीड़ित ने बताया कि जिस जमीन का सौदा हुआ था वह जमीन फतेहपुर पकड़ी में मकान नं-320 वार्ड-14 कृष्णा नगर कालोनी में स्थित है जिसका रकबा 1430 वर्गफिट महरूआ रोड पर है। इसी का सौदा 35 लाख रूपये में तय हुआ था और बैनामा लिखवाते समय मेरी जमीन जो कि गौहन्ना बाईपास पर 350 वर्ग मीटर स्थित है। उसे थोखाधड़ी से बैनामा करवा लिया जिसकी जानकारी मुझे तब हुई जब कुछ लोगों ने बताया कि तुम जो जमीन बेच रहे थे उसके स्थान पर तुम्हारी हाइवे वाली करोड़ों की जमीन का बैनामा इन लोगों के द्वारा करवा लिया गया है। अनमोल ने जब इस बात की जानकारी क्रेता बलवन्त सिंह से करना चाहा तो वह आना-कानी करते हुए कहा कि जो लिखवाया हूं वह सही है अगर विश्वास न हो तो बैजनाथ व सुरजीत और दो गवाह है जो उनसे पूछ लीजिए जब कि अनमोल ने बताया कि बैनामा लिखवाते समय पहले दिन उसको जो कागजात दिखाया गया था उसमें फतेहपुर पकड़ी का मकान 13×110 लिखवाया था और उसे ही हमको दिखाया गया था और दस्तखत करवाने के बाद कहा गया कि आज किसी कारण वश काम नहीं हो पायेगा दूसरे दिन आना पड़ेगा और जब दूसरे दिन बुलाया गया तो हमारी हाइवे की करोड़ों की जमीन बैनामा कराने के नाम पर दस्तावेज पर दस्तखत करवा लिया गया। जब कि पीड़ित ने यह भी बताया कि उपनिबंधक कार्यालय में बैनामे के समय क्रेता का बयान भी रजिस्ट्रार द्वारा नहीं लिया गया बल्कि मुख्य लिपिक के पास भेजा गया तो मुख्य लिपिक ने सिर्फ इतना ही पूछा कि तुम अपनी ही जमीन बेच रहे हो उस पर हमने कहा हां। बस इतना ही पूछकर हमे वापस भेज दिया गया और उस समय भी सुरजीत व बैजनाथ द्वारा हमसे कहा गया कि अब जल्दी तुम घर चले जाओ। अकबरपुर उपनिबंधक कार्यालय में क्रेता और विक्रेता से ज्यादा प्रतिदिन दलालों का जमावड़ा लगा रहता है जिसकी खबर आये दिन सोशल मीडिया व अखबारों में छपती रहती है लेकिन जिले के जिम्मेदार अधिकारी ही मामले को दबाने में लगे रहते है जिससे भ्रष्टाचार करने में न तो रजिस्ट्रार आफिस ही पीछे रहता है और न ही दलाल। पीड़ित के परिवार में न मां बाप है और न ही कोई आगे पीछे है। ऐसे में पीड़ित को प्रशासन न्याय दिला पायेगा या नहीं? यह सवाल उन जिम्मेदार अधिकारियों से हैं जिनके हाथ में जिले की कमान है।















